पुत्रमोह के आगे बौने हो गए वरिष्ठ नेता-प्रमोद शर्मा

झालावाड झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सभी वरिष्ठ और स्थानीय नेताओं को दरकिनार करते हुए अपने पुत्र को धौलपुर से लाकर यहां स्थापित कर दिया। उनके पुत्र मोह के आगे सारे वरिष्ठ नेता बौने हो गए। इसके बाद डर और पैसे के दम पर उसे तीन चुनाव जिताने का आरोप लगाया है। वे बुधवार को छीपाबड़ौद क्षेत्र के गांवों में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे। सांसद दुष्यंत सिंह के छबढा में न्याय योजना के संबध में दिए जवाब के बारे में बताया कि कांग्रेस के केन्द्र मंे सत्तासीन होने के बाद गरीब तबके के लोगों के खाते में छह हजार रूपए प्रतिवर्ष डाले जाएंगे। इसके लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर रखी है। इसकी चिंता भाजपा को करने की जरूरत नहीं है; कांग्रेस ने राज्य में भी अब तक जो वादे किसानों व नौजवानों से किए थे। वो पूरे किए है। यह बात दष्ुयंत के अब कैसे होगा न्याय के संबध में कांग्रेस प्रत्याशी ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि पिछले तीस साल से वसुंधरा राजे व उनके पुत्र इस क्षेत्र में राजा महाराजाओं की तरह कब्जा जमाए बैठी है। 2003 के चुनाव में मुख्यमंत्री बनने के बाद यह लोकसभा सीट खाली हो गई। इस दौरान दोनों जिलों में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। लेकिन वसुंधरा ने श्रीकृष्ण पाटीदार, सत्यनारायण गुप्ता, श्यामसुंदर शर्मा, मदन दिलावर, प्रेमनारायण गालव, भरत बाठला जैसे किसी भी वरिष्ठ नेता को लोकसभा सीट से चुनाव लडने के योग्य नहीं समझा। बल्कि अपने पुत्र को अचानक धौलपुर से लाकर सीट पर बैठा दिया। इस तरह की घटनाएं आजादी से पूर्व राजाओं के राज में हुआ करती थी। राजा की संतान ही गद्दी पर बैठा करती थी। लेकिन 1947 के बाद देश आजाद हो चुका है। संविधान लागू होने के बाद देष में कोई किसी भी राजा का राज नहीं रहा। लेकिन वसुंधरा लोकतंत्र का मखौल बनाते हुए अपने पुत्र को यहां प्रत्याशी बनाया। साथी ही भाजपा नेताओं और अफसरों को धमकाते हुए कहा कि उसका पुत्र हार गया तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद पूरे प्रदेष के जनाधार वाले नेताओं को अपमानित करने और राजनीति से बाहर करने का खेल चलाया। उन्होंने कहा कि वसुंधरा का लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है। ये लोकतंत्र को कमजोर करके पीढी दर पीढी राजाओं की तरह राज करना चाहते हैं। राजे झालावाड़ को अपना परिवार बताकर जनता को मूर्ख बनाती रही है। दूसरी ओर झालावाड के अन्य नेताओं को बलपूर्वक कुचलती रही।
यहां का सांसाद समस्या लेकर जाने वालों की समस्या सुनने के बजाय दुत्कार देता है। उन्होंने कहा कि वुसंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनके गृह क्षेत्र की परवन सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में आए किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिला पाई। नए अध्यादेष के अनुसार मुआवजा मांगने वाले किसानों को धमकाकर भगा दिया गया। उन्होंने कहा कि वे किसानों के हक के लिए संघर्ष करेंगे और जब तक उन्हें उनका हक दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसान, मजदूर, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार और क्षेत्र के विकास के लिए संसद में पुरजोर आवाज उठाएंगे और हर समय अपने क्षेत्र की जनता के साथ खड़े रहेंगे।
इस दौरान उनके साथ उर्मिला जैन भाया, पूर्व विधायक करण सिंह, नाथूलाल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द, बनवारी लाल, प्रेमजी, दिग्विजय, चन्द्रमोहन, राजकुमार, उमर मियां आदि पदाधिकारी साथ थे।
उन्होंने बुधवार को क्षेत्र के बमोरा, बमोरी, निपानिया, मोरेली पठार, हिंगकार, बिषनखेड़ा, घीघा राडी, फलियां, कडहिया हाट, बापचा, भूलोन, भिलवाड़ा नीचा, शंकर कॉलोनी, चांचोड़ा, कडैयावन, मूंडला, फूल बड़ौद आदि गांवों में जन सभाओं को संबोधित किया।

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